- Pandal
- देवी की प्रतिमा रखने और पूजा व भीड़ के लिए बना अस्थायी, अक्सर थीम-सज्जित मंडप।
- Pratima / Thakur
- संतान सहित दुर्गा की पूजित मूर्ति; ठाकुर देवी-मूर्ति के लिए स्नेहपूर्ण बांग्ला शब्द है।
- Dhak
- कंधे पर लटका, डंडियों से बजाया जाने वाला बड़ा ढोल, जिसकी थाप दुर्गा पूजा की पहचान है।
- Dhunuchi
- नारियल की जटा और धूप-राल से भरा मिट्टी का धुनुची, जिसे धुनुची नाच में घुमाया जाता है।
- Bhog
- देवी को अर्पित और भक्तों में बंटा पवित्र प्रसाद: खिचड़ी, लाबड़ा, चटनी और पायस।
- Anjali
- मंत्रोच्चार के साथ अंजलि भरकर पुष्प अर्पण, मुख्यतः अष्टमी को।
- Sindoor
- सिंदूर, विवाहित स्त्रियों और देवी को अर्पित, दशमी के आनंदमय सिंदूर खेला का माध्यम।
- Barowari
- जन-चंदे से चलने वाली सामुदायिक पूजा, बारो यारी (बारह मित्र) से, 1790 में गुप्तिपाड़ा में आरंभ।
- Sarbojanin
- सर्वजनीन: सबके लिए खुली सामुदायिक पूजा, पहली बार 1910 में बागबाजार में आयोजित।
- Visarjan / Bisorjon
- दशमी को प्रतिमा का नदी में विसर्जन, मिट्टी को जल में लौटाना।
- Adda
- लंबी, इत्मीनान भरी, खुली बातचीत की प्रिय बांग्ला परंपरा, जो पूजा में सबसे जीवंत रहती है।
- Para
- मोहल्ला या इलाका; पाड़ा पुजो अपने ही क्षेत्र की प्रिय सामुदायिक पूजा है।
- Kumartuli
- उत्तर कोलकाता का ऐतिहासिक कुम्हार-टोला, जिसके शिल्पी गंगा-मिट्टी की प्रतिमाएँ गढ़कर दुनिया भर भेजते हैं।
- Alpona
- चावल के घोल से बनी फर्श व आँगन की सजावटी अल्पना, शुभ आकृतियों से पूजा-स्थल सजाती है।
- Chalchitra
- पारंपरिक प्रतिमा के पीछे का चित्रित अर्धवृत्ताकार चालचित्र, देवी को घेरते देवी-देवता व दृश्य दर्शाता है।








